शेखपुरा

सफलता के पीछे मातृभाषा का योगदान महत्वपूर्ण -पारस

शेखपुरा!

आम आदमी के विकास में मातृभाषा का योगदान महत्वपूर्ण होता है । मातृभाषा में अपनी संवेदना व्यक्त करने में सहज महसूस होती है ।

उक्त बातें मगही मगध नागरिक संघ कोलकाता के राष्ट्रीय अध्यक्ष पारस कुमार सिंह ने शेखपुरा मे आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए। उन्होने कहा मगही का इतिहास वैदिक काल से है फिर भी यह उपेक्षित है।

उन्होंने कहा मगही का समृद्धि साहित्य करोड़ों लोगों कि भाषाएं है। फिर भी मगही को संवैधानिक मान्यता नहीं मिलने से मगही भाषी लोग अपने आप को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।

मगही मगध नागरिक संध कोलकता लगातार आंदोलन चला रही है, इसी क्रम में 24 सितंबर को पटना के गर्दनीबाग में एक दिवसीय धरना का आयोजन किया गया है।

धरना को सफल बनाने के लिए मगही भाषीयों को 24 सितंबर को पटना चलने के लिए संपर्क में आए हुए थे । मौके पर साहित्य संगम शेखपुरा के अध्यक्ष उपेंद्र प्रेमी,अभय विद्रोही ,लखैरा लाल कृष्ण कुशवाहा ,राजेश कुमार अरविंद ,बटोही सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे।

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