आजकल

गांव गांव घूम कलाकार बता रहे खैनी के दुष्परिणाम, हो जाइये साबधान

शेखपुरा।

जिला पदाधिकारी योगेन्द्र सिंह शेखपुरा के आदेश के आलोक में आज अरियरी प्रख्ांड के अंतर्गत कस्तुरबा आवासीय विद्यालय, बेलछी, अरियरी में आज सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के कलाकारों के द्वारा तम्बाकू के दुष्परिणामों के बारे में जन मानस में जागृति लाने के लिए नुक्कड़-नाटक की टीम के द्वारा प्रदर्शन किया गया। नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर गीत और संगीत के माध्यम से तम्बाकू के सेवन से होने वाले बीमारियों के बारे में आम लोगों को बताया जायेगा। उन्हें नाटक के माध्यम से बताया गया है कि तम्बाकू उत्पादों का सेवन लोग सिगरेट, बीड़ी, गुटखा, हुक्का, चिलम आदि अनेक प्रकार से करते है।

ज्यादातर लोग जिन्दगी भर नशा केवल इसलिए नहीं छोड़ पाते क्योंकि वे नशा छोड़ने की शूरूआत कल से करना चाहते हैं और आज आखिरी बार जीभर का नशा कर लेना चाहते है। नशा करने वाले व्यक्ति चक्रव्यूह में फंस जाता है लेकिन कठोर निर्णय लेने के बाद इससे निकल भी सकता है। इसके लिए तम्बाकू सेवन करने वालों को दृढनिश्चयी होना पड़ेगा।

कस्तुरबा आवासीय विद्यालय के बालिकाओं को डी0पी0आर0ओ0 के द्वारा बताया गया है कि अपने पिता, भाई और परिवार के अन्य सदस्य जो तम्बाकू का सेवन करते है। उसके दुष्परिणाम के बारे में समझायें। इससे अनेक प्रकार की बीमारी होती है जो जानलेबा होती हैं। इससे परिवार में आर्थिक और परिवारिक संकट तुरंत उत्पन्न हो जाता है। विद्यार्थियों को कहा गया है कि आप आपने माता-पिता के सबसे प्यारे है आपके बातों के प्रभाव माता-पिता पर अधिक होगा। आप जिद्द करेंगे तो पिता तम्बाकू का सेवन छोंड देंगे और नया जीवन की शूरूआत करेंगे। बिहार सराकर का मुख्य लक्ष्य है कि शराब बंदी के बाद अब तम्बाकू पर भी प्रतिबंध लगाया जाय।

’’महुआ के पानी संइयां माटी मिलउला’’ के गाना के बोल पर सभी लोग झूम उठे और कसम खाये की तम्बाकू का सेवन अब नहीं करेंगे। टीम के लीडर गौतम कुमार ने बताया कि स्वेता, हिमांशू पांण्डे, उपेन्द्र, पंचानन्द, अमरजीत प्रकाश शर्मा, सीखा, आदर्श, बजरंग साह एवं सूर्यकांत कुमार ने अभिनय में उल्लेखनीय योगदान किये। आज कसार महादलित टोला हुसैनाबाद महादलित टोला में तम्बाकू से होने वाले दुष्परिणाम के बारे बताया गया। कल यह कार्यक्रम डीहा, चोरदरगाह एवं बेलाव महादलित टेल में आयोजित किये जायेंगे।

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