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अटल टिंकरिंग लैब, बच्चे बनेंगे वैज्ञानिक। केंद्र सरकार की एक अनोखी पहल..जानिए पूरी बात

शेखपुरा।

ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे भी अब वैज्ञानिक बनेंगे। बच्चों के वैज्ञानिक प्रतिभा को निखारने के लिए ग्रामीण क्षेत्र के हाई स्कूलों में भी अटल टिंकरिंग लैब की स्थापना की जा रही है।

बीस लाख की लागत

इस लैब की स्थापना बीस लाख रुपए प्रति विद्यालय की जाएगी तथा इसके रखरखाव पर दस लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। इसकी जानकारी देते हुए शेखपुरा जिला अधिकारी योगेंद्र सिंह ने बताया कि शेखपुरा जिले में 5 प्रखंडों में अटल टिंकरिंग लैब की स्थापना की जा रही है जिसके लिए हाई स्कूलों का चयन कर लिया गया है।

जिलाधिकारी ने बताया कि अटल टिंकरिंग लैब की स्थापना होने से बच्चों में वैज्ञानिक प्रतिभा का विकास करने का सुलभ साधन उपलब्ध हो जाएगा जिससे देश की प्रतिभा निखर कर सामने आएगी।

चयनित हाई स्कूलों की सूची

जिलाधिकारी ने इस योजना निम्नलिखित विशेषताएं

*प्रमुख विशेषताएं तथा उद्देश्य*

अटल टिंकरिंग लैब की स्थापना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को ऐसा कौशल प्रदान करना और उन्हें उस प्रौद्योगिकी तक पहुंच प्रदान करना है जो उन्हें समाधान प्रस्तुत करने में सक्षम बनाएगा।
इन लैबों का लक्ष्य स्कूलों में युवाओं को भविष्य के लिए अभिनव कौशल प्रदान करना है।

युवाओं द्वारा तैयार की गई परियोजनाओं में गुणवत्तापूर्ण सुधार के लिए परामर्शदाताओं के क्षमता निर्माण और मेकर इकोसिस्टम के साथ संपर्क कायम करने, अवधारणा तैयार करने, डिजाइन के बारे में चिंतन करना।

यदि भारत को अगले तीन दशकों में निरंतर 9 से 10 प्रतिशत विकास दर कायम रखना है तो यह अत्यंत आवश्यक होगा कि देश समस्याओं के लिए अभिनव समाधान के उपाय करने में सक्षम हो।
अटल इनोवेशन मिशन, विशेषकर अटल टिंकरिंग लैब के बल पर लाखों की संख्या में बाल अन्वेषकों को तैयार करने में मदद मिलेगी, जो युवा उद्यमियों के रूप में विकसित होंगे और भारत का अभूतपूर्व विकास सुनिश्चित हो सकेगा।

सभी स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब्स पूरी तरह छात्र केंद्रित होनी चाहिए.
इनमें स्कूल स्तर पर शिक्षकों, अभिभावकों, निर्माताओं और निजी संगठनों जैसे सभी हितधारकों की महत्वपूर्ण भागीदारी होगी ताकि इस पहल को सफल बनाया जा सके।

लैब बनाने से लेकर उसके संचालन के लिए 20 लाख रुपये दिए जाएंगे. स्कूल में लैब की स्थापना के लिए 10 लाख रुपये दिए जाएंगे। पांच वर्ष तक लैब के रखरखाव और संचालन के लिए भी 10 लाख रुपये दिए जाएंगे।
इसका उद्देश्य विद्यार्थियों का विज्ञान के प्रति झुकाव बढ़ाना और उनमें वैज्ञानिक सोच पैदा करना है।

इसमें विद्यार्थियों को साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग एंड मैथमेटिक्स (एसटीईएम) की मूलभूत अवधारण को समझने में आसानी होगी।
विद्यार्थी अपने इनोवेटिव विचार पर काम कर सकेंगे और सीख सकेंगे।
अटल टिंकरिंग लैब क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं, प्रदर्शनी, वर्कशॉप आदि का भी आयोजन कराएगी।

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