बरबीघा

28 दिन बाद डीएवी में जला एमडीएम का चूल्हा

mdm bihar

28 दिन बाद डीएवी में  जला एमडीएम का चूल्हा

बरबीघा नगर क्षेत्र के डीएवी मध्य विद्यालय में 28 दिन बाद मध्यान भोजन योजना के तहत चूल्हा जल पाया। डीएवी के हेडमास्टर और इस क्षेत्र के डीडीओ यानी निष्कासन व व्यनन पदाधिकारी बिजय कुमार पाण्डेय के निलम्बन के बाद से बच्चो को मध्यान भोजन बंद था। दूसरे शिक्षक के नाम पर बैंक से भारी मात्रा में रुपया निकालने के प्रयास में डीडीओ को निलंबित किया गया है। सरकारी सूत्रो से प्राप्त जानकारी के अनुसार डीडीओ को 28 मार्च को निलंबित किया गया था। तब से वे भूमिगत है। उनके किये गये काले कारनामे की जाच के लिए प्रशासन द्वारा विद्यालय के कार्यालय को सील भी कर दिया गया था। शिक्षा  विभाग द्वारा बच्चो के प्रभावित हो रहे हित की रक्षा के लिए एमडीएम के संचालन में आ रही तकनीकि बाधा को दूर कर लिया गया है।

सील कार्यालय खोल निकला रजिस्टर 

सील कार्यालय से एमडीएम संबंधी रजिस्टर बाहर किये गये है। विद्यालय के नये प्रधानाध्यापिका अंशु कुमारी के नाम पर एमडीएम के लिए नया बैंक खाता भी खोल दिया गया है। लंबे समय के बाद बुधवार को स्कल आये बच्चो ने एमडीएम का स्वाद चखा। बताया गया है कि इस निलंबन के दौरान डीडीओ सह हेडमास्टर बिजय कुमार पाण्डेय पिछले दिनो अचानक विद्यालय पहुचे और कार्यालय मे रखा रजिस्टर में अपना पिछला हाजरी बना लिया था। नये हेडमास्टर के शिकायत पर शिक्षा विभाग द्वारा उनके इस दुस्साहस की जाच कर रहा है। शिक्षा विभाग ने उन्हे निलंबित करते हुए कार्रवाई शुरु करने की अनुशंसा किये जाने का कोई समाचार नही है।

04 एक सप्ताह में खर्च करे पैसा 

शिक्षा विभाग ने सभी विद्यालयों को एक सप्ताह में राषि खर्च करने को कहा है। राषि खर्च कर उसका उपयोगिता प्रमाण पत्र भी मांगा गया है। सरकारी सूत्रो से प्राप्त जानकारी के अनुसार  विभाग ने जिले के सभी सरकारी प्राथमिक और मध्य विद्यालय को विद्यालय विकास और भवन मरम्ती के लिए राषि दी थी। यह राषि पिछले वितिय बर्ष 2017- 18 के लिए ही दी गई थी। विद्यालय विकास को लेकर सभी विद्यालय को 12 – 12 हजार और भवन मरम्ती के लिए 05 से 10 हजार रुपया प्रति विद्यालय दिया गया था। वित्तीय  बर्ष की समाप्ति के बाद भी  विभाग के पास इसके उपयोगिता के बारे में व्योरा नही दिया गया है।

2 Comments

Comments are closed.

%d bloggers like this: